जहाजपुर नगरपालिका: नामांकन पर असंतोष, 22 सितंबर अप्रत्यक्ष चुनाव

जहाजपुर नगरपालिका: नामांकन पर असंतोष, 22 सितंबर अप्रत्यक्ष चुनाव

विनोद नरनिवाल September 17, 2026

जहाजपुर (भीलवाड़ा/राजस्थान)। नगरपालिका अध्यक्ष पद के नामांकन को लेकर मीणा समुदाय में असंतोष की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नामकरण प्रक्रिया में उनकी आवाज़ पर्याप्त रूप से नहीं सुनी गई। प्रशासन ने कहा है कि नामांकन निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही स्वीकार किए जा रहे हैं और किसी समुदाय विशेष के खिलाफ कोई अलग प्रक्रिया नहीं चलाई जा रही।

प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी माँगें रखीं। उन्होंने पारदर्शिता, समान अवसर और स्थानीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही। पुलिस व नगरपालिका अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित रखते हुए वार्ता का रास्ता खुला रखा। भीलवाड़ा केसरी की टीम ने स्थल पर मौजूद नागरिकों से बात की तो कई लोगों ने कहा कि मुद्दा व्यक्तिगत नहीं बल्कि भागीदारी का है।

संदर्भ यह है कि बाईस सितंबर को अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया सामने है। इसमें निर्वाचित सदस्य ही अध्यक्ष चुनते हैं। विशेषज्ञों का मत है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली में संख्याबल और गठजोड़ दोनों मायने रखते हैं, इसलिए नामांकन चरण में ही विवाद उभरना असामान्य नहीं माना जाता। फिर भी किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शांति और संवाद अनिवार्य हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि अफवाहों पर नहीं, लिखित दस्तावेज़ और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने बयान जारी कर संयम बरतने को कहा है। विपक्षी आवाज़ों ने चयन प्रक्रिया की समीक्षा की माँग की, जबकि सत्ता पक्ष ने नियमों के पालन का दावा दोहराया।

भीलवाड़ा ज़िले के आसपास के कस्बों में भी यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नगरपालिका नेतृत्व स्थिर रहे तो सड़क, जल आपूर्ति और कर व्यवस्था जैसे काम प्रभावित नहीं होंगे। सामाजिक संगठनों ने कहा कि समुदाय की चिंताओं को संवाद से हल करना चाहिए, सड़क पर तनाव बढ़ाने से किसी का हित नहीं।

भीलवाड़ा केसरी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के साथ घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए है। बाईस सितंबर की प्रक्रिया पूरी होने तक हम आधिकारिक अपडेट प्रकाशित करते रहेंगे। पाठकों से अनुरोध है कि अपुष्ट संदेशों को आगे न बढ़ाएँ।

भीलवाड़ा ज़िला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि मतदान दिवस से पहले किसी भी अवैध जमावड़े पर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों और समर्थकों से लिखित शिकायत प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया। स्थानीय शिक्षकों और युवाओं ने संवाद शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि गलतफहमियाँ समय रहते दूर हों। भीलवाड़ा केसरी का मानना है कि शांतिपूर्ण लोकतंत्र ही विकास का आधार है।

— भीलवाड़ा केसरी डेस्क